312 किलो गांजा जब्त सिघोड़ा पुलिस का सनसनीखेज प्रहार, ओडिशा-मुंबई इंटरस्टेट तस्करी रैकेट का भंडाफोड़..!

 

महासमुंद :- 09 अप्रैल 2026
नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर चलते हुए महासमुंद पुलिस ने एक बार फिर कमाल की सफलता हासिल की है। जिले के सिंघोड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस की सतर्क टीम ने एनएच-53 पर नाकाबंदी के दौरान एक ट्रक से 312.590 किलोग्राम से अधिक गांजा जब्त किया है। इस बड़ी कार्रवाई में कुल 1 करोड़ 71 लाख 42 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की गई है, जिसमें मादक पदार्थ, एक ट्रक, एक लग्जरी कार और मोबाइल फोन शामिल हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह खेप ओडिशा से उठाई गई थी और मुंबई के एक बड़े डीलर तक पहुंचाने की तैयारी चल रही थी। इस रैकेट के तार मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, जम्मू-कश्मीर और महाराष्ट्र तक फैले हुए हैं।

गुप्त सूचना पर नाकाबंदी, ट्रक फंसाया

पुलिस को विश्वसनीय गुप्त सूचना मिली थी कि ओडिशा के सोनपुर जिले से भारी मात्रा में गांजा लेकर एक ट्रक महासमुंद होते हुए मुंबई की ओर जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत रणनीति बनाई और रेहटीखोल के पास एनएच-53 पर घेराबंदी कर दी।
कुछ ही देर में संदिग्ध ट्रक (KA 13 D 7710) पहुंचा। पुलिस ने उसे रोका और गहन तलाशी ली। ट्रक के पीछे रखी बोरियों में छिपाकर रखा गया 312.590 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत 1 करोड़ 56 लाख रुपये बताई जा रही है।
मौके पर ट्रक चालक और उसके साथी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों आरोपियों में से एक कर्नाटक का निवासी है, जबकि दूसरा मध्यप्रदेश का। प्रारंभिक पूछताछ में उन्होंने खुलासा किया कि गांजा सोनपुर से लाकर मुंबई में खपाने की पूरी योजना थी।

12 घंटे में तीन और सप्लायर गिरफ्तार

पुलिस ने रफ्तार नहीं रोकी। गिरफ्तार तस्करों से मिली जानकारी के आधार पर महज 12 घंटे के अंदर ओडिशा के बरहमपुर से इस नेटवर्क के तीन और महत्वपूर्ण सदस्यों को दबोच लिया गया। ये आरोपी सप्लायर और लॉजिस्टिक मैनेजर के रूप में काम कर रहे थे। वे गांजा की आपूर्ति, वाहन व्यवस्था और रूट प्लानिंग में सीधे शामिल थे।

इंटरस्टेट नेटवर्क का खुलासा

जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह एक बड़े इंटरस्टेट तस्करी नेटवर्क का हिस्सा है। गांजा मुख्य रूप से ओडिशा से उठाया जाता था, फिर मध्यप्रदेश और अन्य राज्यों के रास्ते मुंबई पहुंचाया जाता था। वहां से इसे बड़े पैमाने पर वितरित करने की योजना थी। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क के वित्तीय स्रोतों, अन्य कड़ियों और बड़े डीलरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

जब्त की गई संपत्ति

इस सफल ऑपरेशन में पुलिस ने निम्नलिखित संपत्ति जब्त की है:
312.590 किलोग्राम गांजा (कीमत ≈ 1 करोड़ 56 लाख रुपये)
एक ट्रक (KA 13 D 7710)
एक टोयोटा अर्बन क्रूजर कार
2 मोबाइल फोन

कुल जब्त संपत्ति की कीमत: 1 करोड़ 71 लाख 42 हजार रुपये

NDPS एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई

सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 20(B) के तहत मामला दर्ज किया गया है। उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब आगे की जांच में अन्य सहयोगियों और फाइनेंशियल लिंकेज पर भी फोकस कर रही है।

महासमुंद पुलिस का लगातार अभियान

यह कार्रवाई महासमुंद पुलिस के ऑपरेशन निश्चय (या समान निरंतर अभियान) का हिस्सा है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पिछले तीन महीनों में जिले में 68 मामलों में 4681 किलोग्राम से अधिक गांजा जब्त किया जा चुका है और 181 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें बड़ी संख्या अन्य राज्यों के लोगों की है।
महासमुंद पुलिस का साफ संदेश है — नशे के कारोबार को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए हर स्तर पर शिकंजा कसा जाएगा। सप्लाई चेन के हर लिंक को तोड़ने की रणनीति पर काम जारी है।

नशा मुक्त समाज की दिशा में यह कदम युवाओं को नशे की लत से बचाने और समाज को स्वस्थ बनाने की दिशा में एक मजबूत प्रयास है।

महासमुंद पुलिस की इस साहसिक कार्रवाई को पूरे छत्तीसगढ़ और पड़ोसी राज्यों में सराहना मिल रही है। आगे की जांच के परिणाम आने पर और अपडेट जारी किए जाएंगे।

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