जांच दल की रिपोर्ट से मचा हडकंप, कागजों में खेल, हकीकत में शिक्षा तंत्र फेल।
Surendra shriwas
Chhattisgarhiya Sable badhiya News Editor

महासमुंद /सरायपाली :- शासकीय मिडिल स्कूल लिमगांव का शिकायत जांच में जांच रिपोर्ट जांचकर्ता अधिकारियो ने जिला शिक्षा अधिकारी महासमुन्द के समक्ष प्रस्तुत कर दी है। जांचकर्ता अधिकारियो के मोबाइल में इस मामले को दबाने हेतु राजनीतिक पार्टी के नेताओ के द्वारा दबाब बनाया गया था। जिस कारण जांचकर्ता अधिकारी जांच से पीछे हट रहे थे। शिकायतकर्ता विनोद कुमार दास ने उच्च अधिकारियो से कई बार पत्रचार किया। इसके साथ अखबार में नियमित खबरें प्रकाशित होने से अततः बद्रीविशाल जोल्हे, लोकेश्वर सिंह कंवर, क्षिरोद्र पुरोहित एवं अनिल सिंह साव ने जांच पूर्ण किया। इस मामले में विजय कुमार लहरे डीईओ महासमुंद ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर अनुशंसा करके रिपोर्ट उच्च कार्यालय को कार्रवाई हेतु भेज दी गई होगी। विस्तृत जानकारी कार्यालय में पहुंचकर बता पाऊंगा।
पहले शपथपूर्वक कथन, बाद में मुकर गए।
जांच रिपोर्ट के अनुसार संकुल प्रभारी ठण्डाराम टिकूलिया, संकुल समन्वयक गिरधारी लाल पटेल, शिक्षक दिनेश पटेल ने 11 अगस्त 2023 को पंचनामा एवं बयान में शपथपूर्वक कथन दिया है कि धनीराम चौधरी प्रभारी प्रधानपाठक लकवाग्रस्त थे। स्कूल में साल भर से अध्यापन नही करवा पा रहे थे। जिस कारण जितेन्द्र साहू नामक व्यक्ति को 6500/- रूपये महिना भुगतान करके अध्यापन कार्य कराते थे। बाद में ये तीनो जांच के दौरान अपने ही बयान से मुकर गए। इसलिए ये तीनो दोषी है। मालूम हो कि इन सभी ने तात्कालीन एसडीएम सरायपाली हेमंत रमेश नदंनवार आइएएस(मौजूदा सीईओ जिपं) पर ही दबावपूर्वक पंचनामा तैयार किये जाने का आरोप भी मढा है।
बीईओ की विभागीय लापरवाही।
बीईओ कार्यालय सरायपाली में ठण्डाराम टिकूलिया और गिरधारी लाल पटेल ने 02 अगस्त 2022 को ही धनीराम चौधरी की लकवाग्रस्त होने से उसकी जगह में जितेन्द्र साहू को अध्यापन कराने हेतु रखने की सूचना दी गई थी। लेकिन बीईओ प्रकाश चन्द्र मांझी ने लिखित तौर से कोई कार्रवाई नही की। बीईओ के द्वारा उपस्थिति पत्रक भी मंगाया नही जाता था। आनलाइन उपस्थिति के आधार पर वेतन आहरण की गई है। लेकिन जांच में धनीराम चौधरी के आनलाइन उपस्थिति का साक्ष्य प्रस्तुत नही कर पाये। इसी कारण ऐसी स्थिति निर्मित हुई है। जिसके लिए प्रकाश चन्द्र मांझी पर विभागीय लापरवाही का दोष सिद्व होता है।
बगैर लिखित आदेश से दस्तखत
लिमंगाव मिडिल स्कूल के शिक्षक मनीष साहू और दिनेश पटेल ने परीक्षाफल पंजी, दाखिल खारिज पंजी, टी.सी., प्रगति पत्रक जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजो में धनीराम चौधरी के बजाय इन्होने स्वयं ही दस्तखत किये है, जिसमें शिक्षक मनीष साहू और दिनेश पटेल दोषी पाये गए।
दायित्व से एबीइओ चूके
एबीईओ डी.एन.दीवान एवं तात्कालीक एबीईओ जितेन्द्र रावल ने 11 अगस्त 2023 को पंचनामा में दस्तखत किये है। बाद में जांच दौरान बयान दिया कि तात्कालीक एसडीएम हेमंत रमेश नंदनवार आइएएस वहां पहुंच चुके थे। हम वहां पहुंचे तो हस्ताक्षर करने को बोलने पर हमने हस्ताक्षर कर दिया। दोनो अधिकारियो का दायित्व बनता था कि पंचनामा को पढकर समझकर दस्तखत करते। परन्तु उन्होने ऐसा नही किया। जिस कारण ये दोनो एबीइओ भी दोषी है।







