भारत नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को लोकसभा में यह ऐतिहासिक ऐलान किया। सरकार द्वारा तय की गई 31 मार्च, 2026 की समयसीमा से ठीक एक दिन पहले शाह ने सदन में आंकड़ों के साथ दावा किया कि दशकों पुराना लाल आतंक अब इतिहास बन चुका है। उन्होंने सुरक्षा बलों के शौर्य और मोदी सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति को इस सफलता का श्रेय दिया।
गृह मंत्री अमित शाह नियम 193 के तहत संसद में बोले
सदन में वामपंथी उग्रवाद से देश को मुक्त कराने के प्रयासों पर नियम 193 के तहत हुई चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अब हम कह सकते हैं कि देश नक्सलमुक्त हो गया है। शाह ने देश में नक्सलवाद के लिए कांग्रेस और वामपंथी विचारधारा को जिम्मेदार ठहराते हुए साफ किया कि नक्सलवाद विकास की कमी और अन्याय के कारण नहीं, बल्कि विचारधारा के
लोकसभा में सोमवार को चर्चा का जवाब देते केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा विपक्ष की नीतियों के चलते यह पनपा। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की नीति और दृढ़ इच्छाशक्ति की वजह से यह संभव हुआ है। शाह ने इस सफलता के लिए सदन में सुरक्षा बल, पुलिस और आदिवासी जनताको सैल्यूट भी किया।
जो हथियार उठाएगा, कीमत चुकाएगा :
गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस और उसकी सरकारों, नेतृत्व कोनक्सलवाद को पनपने के लिए जिम्मेदार ठहराया। शाह ने लगभग डेढ़ घंटे के जबाब में दो टूक कहा कि जो हथियार उठाएगा उसका हिसाब चुकता होगा। चर्चा उसी से होती है जो हथियार डालता है। जो गोली चलाता है उसे गोली से ही जबाब दिया जाता है, यही मोदी सरकार की नीति है।
आज 31 मार्च का दिन छत्तीसगढ़ के लिए बहुत ऐतिहासिक दिन है, छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद समाप्त हो रहा है। इसके लिए हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय गृहमंत्री माननीय श्री अमित शाह जी को छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से बहुत धन्यवाद। उन्होंने वीडियो भी जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी , गृह मंत्री अमित शाह का धन्यवाद किया है।







