सरायपाली : दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना अंतर्गत हितग्राहियों को राशि वितरण कार्यक्रम आयोजित

योजना का उद्देश्य मजदूरों को आर्थिक संबल प्रदान करना : श्रीमती कुमारी भास्कर

Surendra shriwas
Chhattisgarhiya Sable badhiya News Editor

महासमुंद /सरायपाली :- महासमुंद जिले के सरायपाली मे दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना के अंतर्गत जनपद पंचायत सरायपाली के मनरेगा भवन में हितग्राहियों को राशि वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रशासनिक और जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी खास बना दिया। कार्यक्रम मे श्रीमती कुमारी भास्कर सभापति जिला पंचायत महासमुंद उपस्थित रही। कार्यक्रम मे जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती लक्ष्मी पटेल, उपाध्यक्ष श्री मुकेश धर्मेंद्र चौधरी, एस डी एम सुश्री अनुपमा आनंद,जनपद सदस्य श्री उद्धव नन्द जी, श्री रेशम लाल पटेल जी तहसीलदार श्रीधर पंडा एवं अधिकारी कर्मचारी गण उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरूआत शैलचित्र पर दीप प्रजवलित कर किया गया

विष्णुदेव साय के सुशासन में आज जिले के 35,226 हितग्राहियों के खातों में डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि अंतरित की गई है, जिससे उन्हें त्वरित लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने सभी लाभार्थियों को बधाई दी।

इस अवसर पर श्रीमती कुमारी भास्कर नें कहा छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के शिल्पकार भूमिहीन कृषि मजदूर अब आर्थिक सुरक्षा के एक नए युग में प्रवेश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ न केवल एक वित्तीय सहायता कार्यक्रम है, बल्कि यह समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन देने का एक महायज्ञ भी है।

इस योजना के तहत इस साल 4,95,965 भूमिहीन हितग्राहियों के खाते में सीधे 10,000 रुपये की धनराशि प्रत्येक हितग्राही के मान से अंतरित की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से 495 करोड़ 96 लाख 50 हजार रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है। इस सूची में 22 हजार 28 बैगा और गुनिया परिवार भी शामिल हैं, जो राज्य की सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत के रक्षक हैं। राज्य सरकार ने पिछले वर्ष भी इस योजना के माध्यम से रिकॉर्ड सहायता प्रदान की थी। साल 2025 में कुल 5,62,112 हितग्राहियों को 10,000 रुपये के हिसाब से 562 करोड़ 11 लाख 20 हजार रुपये की राशि वितरित की थी। आंकड़ों का यह निरंतर प्रवाह दर्शाता है कि राज्य सरकार भूमिहीन परिवारों के आर्थिक सुदृढ़ीकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। 25 मार्च को बलौदाबाजार की धरती से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने राशि अंतरित किये तो वह छत्तीसगढ़ के ‘न्याय और सुशासन’ की गूंज हैं । ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना’ ने यह साबित कर दिया है कि जब सरकार की नीयत साफ और नीति स्पष्ट हो, तो विकास की किरण हर झोपड़ी तक पहुंचती है। इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका समावेशी स्वरूप है। इस वर्ष की लाभार्थी सूची में 22,028 बैगा और गुनिया परिवार भी शामिल हैं। ये वे लोग हैं जो हमारी प्राचीन औषधीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सहेज कर रखे हुए हैं। सरकार ने इन्हें मुख्यधारा से जोड़कर यह संदेश दिया है कि ‘अंत्योदय’ की कतार में खड़ा आखिरी पंक्ति के व्यक्ति भी शासन की प्राथमिकता में सबसे ऊपर है।

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