Surendra shriwas
Chhattisgarhiya Sable badhiya News Editor

महासमुंद/सरायपाली :- मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के निर्देशन तथा उनके संदेश “जब लगेगा बच्चों को टीका, चेहरा नहीं पड़ेगा उनका फीका” के परिपालन में स्वर्गीय मोहनलाल चौधरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरायपाली में 16 मार्च 2026 को राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस मनाया गया।इस अवसर पर खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुणाल नायक ने बताया कि भारत में प्रत्येक वर्ष 16 मार्च को राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस मनाया जाता है।
इसका उद्देश्य टीकाकरण के माध्यम से जानलेवा बीमारियों की रोकथाम के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। उन्होंने बताया कि भारत में 16 मार्च 1995 को पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत की गई थी, जिसके अंतर्गत बच्चों को पोलियो वैक्सीन दी गई। इसके परिणामस्वरूप 27 मार्च 2014 को भारत को पोलियो मुक्त घोषित किया गया। इसी कड़ी में खंड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी सह मीडिया प्रभारी टी.आर. धृतलहरे ने बताया कि महान वैज्ञानिक एडवर्ड जेनर को प्रतिरक्षा विज्ञान का जनक कहा जाता है, जिन्हें चेचक के पहले टीके का आविष्कारक माना जाता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार नवजात शिशु को बुरी नजर से बचाने के लिए काला टीका लगाया जाता है, उसी प्रकार जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए समय पर टीकाकरण अत्यंत आवश्यक है। इसलिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं भी टीका लगवाना चाहिए और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करना चाहिए।उन्होंने आगे बताया कि शासन के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ में 9 से 14 वर्ष की बालिकाओं को एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) का निःशुल्क सिंगल डोज टीका लगाया जा रहा है। यह टीका भविष्य में गर्भाशय कैंसर से सुरक्षा प्रदान करता है।
जिस प्रकार कोरोना काल में सभी लोगों ने कोविड टीका लगवाकर महामारी से बचाव किया, उसी तरह सभी पात्र आयु वर्ग की बालिकाओं को एचपीवी टीका लगवाकर सुरक्षित परिवार और स्वस्थ समाज के निर्माण में सहयोग करना चाहिए।
इस कार्यक्रम में सुपरवाइजर आर.एन. दुबे, मो. कादिर, सुरेश पटेल, अखिल प्रधान, डीसी पटेल, विनय बारीक, निभा विश्वास, एन. नागेश, डी. फ्रांसिस, एम. क्लेत, वृंदा चौहान, आर. गार्डिया सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।







