आंगनवाड़ी केन्द्र में DPO श्री टिक्वेन्द्र जटवार ने अपने पुत्र के जन्मदिवस के अवसर पर नेवता भोज का आयोजन किया
Surendra shriwas
Chhattisgarhiya Sable badhiya News Editor

महासमुंद/सरायपाली :- समाज और शिक्षा के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में आंगनवाड़ी केन्द्रों में शुरू किया गया न्योता भोज कार्यक्रम पोषण, शिक्षा और सामुदायिक सहभागिता का एक अनूठी पहल है। यह बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के साथ-साथ समाज को शिक्षा और बाल विकास से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप जनवरी 2026 से महासमुंद जिले के आंगनवाड़ी केन्द्रों में पालकों, दानदाताओं और सामाजिक प्रतिनिधियों द्वारा विशेष अवसरों जैसे जन्मदिन, वर्षगांठ या पारिवारिक खुशी पर बच्चों के साथ भोजन साझा करने की परंपरा शुरू की गई है। इस पहल के तहत आंगनवाड़ी केन्द्र पहुंचकर बच्चों के साथ खुशियां बांट रहे हैं और उन्हें पौष्टिक भोजन उपलब्ध करा रहे हैं
इसी क्रम में आज जिला मुख्यालय के वार्ड क्रमांक 26 स्थित आंगनवाड़ी केन्द्र में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्री टिक्वेन्द्र जटवार ने अपने पुत्र के जन्मदिवस के अवसर पर नेवता भोज का आयोजन किया। जहां पर आंगनवाड़ी केन्द्र के बच्चों को खीर, पुड़ी, केला, चावल, दाल एवं सब्जी जैसे पौष्टिक व्यंजन परोसे गए। बच्चों ने उत्साह पूर्वक एवं खुशी-खुशी भोजन का आनंद लिया।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री टिक्वेन्द्र जटवार ने कहा कि शासन द्वारा नेवता भोज कार्यक्रम समाज को बच्चों के भविष्य के निर्माण से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम है। आंगनवाड़ी केन्द्रों में आने वाले अधिकांश बच्चे ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से होते हैं। ऐसे में पौष्टिक आहार उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। नेवता भोज के माध्यम से बच्चों को अतिरिक्त पौष्टिक भोजन मिलता है और साथ ही समाज में यह संदेश भी जाता है कि बच्चों का विकास केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है

श्री जटवार ने कहा कि इस पहल से बच्चों में आंगनवाड़ी केन्द्रों के प्रति आकर्षण भी बढ़ रहा है। उन्होंने जिले के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और दानदाताओं से अपील की है कि वे अपने परिवार के शुभ अवसरों को आंगनवाड़ी केन्द्रों के बच्चों के साथ साझा करें। इससे समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित हो रही है। महासमुंद जिले में आंगनवाड़ी केन्द्रों में जनवरी 2026 से शुरू नेवता भोज कार्यक्रम के माध्यम से फरवरी 2026 तक 345 आयोजनों में कुल 6005 बच्चों को लाभान्वित किया गया है। जिसमें बागबाहरा विकासखंड में कुल 98 आयोजनों में 1489 बच्चों को पोषक आहार प्रदान किया। इसी तरह महासमुंद ग्रामीण अंतर्गत 23 आयोजनों के माध्यम से 455 बच्चे एवं महासमुंद शहरी अंतर्गत 25 आयोजनों में 545 बच्चे लाभान्वित हुए हैं। इसी तरह बसना विकासखण्ड में 67 आयोजनों में 1048 बच्चों को, पिथौरा में 65 आयोजनों के माध्यम से 1303 बच्चों को एवं सरायपाली विकासखण्ड में 67 आयोजनों में 1165 बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराया गया है







