जातिसूचक गाली-गलौज और धमकी के खिलाफ कार्रवाई नहीं, एफआईआर दर्ज न होने से नाराज पीड़ित परिवार एसपी कार्यालय के सामने 10 मार्च को करेंगे प्रदर्शन
Surendra shriwas
Chhattisgarhiya Sable badhiya News Editor

महासमुंद/पिथौरा :- पिथौरा क्षेत्र में एक आदिवासी परिवार को जातिसूचक गालियां देने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में पुलिसिया कार्रवाई न होने से आक्रोश बढ़ता जा रहा है। पीड़ित मनबोध कोडाकू ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि 9 मार्च तक आरोपियों के विरुद्ध अपराध दर्ज नहीं किया गया, तो वे सपरिवार 10 मार्च को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन करेंगे।
शिकायतकर्ता मनबोध कोडाकू (निवासी ग्राम टेका) ने बताया कि घटना 10 नवंबर 2025 की है। जब वे अपने परिवार के साथ ग्राम डोंगरीपाली स्थित अपनी निजी भूमि (खसरा नं. 425/1) पर धान की कटाई कर रहे थे, तभी कैलाशपुर निवासी दुलिकेशन साहू और उनकी पत्नी किरण साहू (सरपंच, ग्राम पंचायत डोंगरीपाली) वहां पहुंचे। आरोप है कि दोनों ने जमीन पर अपना हक जताते हुए आदिवासी परिवार को काम रोकने के लिए कहा और अत्यधिक अभद्र व जातिसूचक गालियों का प्रयोग किया। पीड़ित का कहना है कि आरोपी खुद को राजनीतिक रूप से प्रभावशाली बताते हुए पूरे परिवार को घर में घुसकर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। आवेदक ने अपनी लिखित शिकायत में बताया है कि अनावेदक दुलिकेशन साहू भाजपा नेता है और खुद को केंद्रीय मंत्री का करीबी बताता है।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि इसी राजनीतिक रसूख के कारण स्थानीय पुलिस और अजाक थाना प्रभारी मामले में किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं कर रहे है। पीड़ित का कहना है कि हमारा पूरा परिवार डरा हुआ और अपमानित महसूस कर रहा है। प्रशासन को बार-बार सबूत और गवाह देने के बावजूद रसूखदारों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। अगर 9 मार्च तक न्याय नहीं मिला, तो हम धरना देने को मजबूर होंगे। पीड़ित ने कलेक्टर और एसपी को सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि मंगलवार, 10 मार्च 2026 को सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक एसपी कार्यालय महासमुंद के सामने उनका परिवार शांतिपूर्ण धरने पर बैठेगा। उन्होंने साफ कहा है कि इस दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
शिकायतों का लंबा दौर, पर नतीजा शून्य
पीड़ित परिवार न्याय के लिए अब तक कई दरवाजे खटखटा चुका है। 10 नवंबर 2025 को पिथौरा थाना में पहली शिकायत की। बाद 18 नवंबर 2025 को एसपी महासमुंद, गृहमंत्री विजय शर्मा और पुलिस महानिदेशक को लिखित शिकायत दी। इस पर भी कार्रवाई नहीं होने पर 30 दिसंबर 2025 अजाक थाना प्रभारी द्वारा नोटिस जारी कर बयान तो दर्ज किए गए, लेकिन अब तक एफआईआर दर्ज नहीं किया गया।







