सरायपाली/सिरशोभा :- शासकीय प्राथमिक शाला सिरशोभा में विद्यार्थियों को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण एवं ई-कचरा प्रबंधन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रधान पाठक दुर्वादल दीप ने चार बिन प्रणाली एवं स्वच्छ विद्यालय, हरित विद्यालय की अवधारणा पर विस्तार से चर्चा करते हुए विद्यार्थियों को चार रंगों के डस्टबिन के उपयोग की जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि हरे रंग के बिन में फल-सब्जियों के छिलके, भोजन के अवशेष एवं पत्तियों जैसे गीले कचरे को डालना चाहिए। नीले रंग के बिन में कागज, प्लास्टिक, कांच की बोतलें एवं अन्य सूखे पुनर्चक्रण योग्य कचरे को रखा जाता है। लाल रंग के बिन में मास्क, दस्ताने, सैनिटरी पैड एवं प्रयुक्त डायपर जैसे निर्धारित पृथक निपटान वाले कचरे को सुरक्षित तरीके से अलग रखना चाहिए। वहीं काले रंग के बिन में मोबाइल, लैपटॉप, बैटरी, चार्जर, केबल एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों जैसे ई-कचरे को सामान्य कचरे से अलग एकत्र करने की जानकारी दी गई।
विद्यार्थियों को ई-कचरे के संग्रहण, पृथक्करण, पुनः उपयोग, पुनर्चक्रण तथा सुरक्षित निपटान के संबंध में विस्तारपूर्वक समझाया गया। उन्हें बताया गया कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सामान्य कचरे में नहीं फेंकना चाहिए, क्योंकि इनमें मौजूद हानिकारक पदार्थ पर्यावरण एवं मानव स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं। ऐसे कचरे को अधिकृत संग्रहण केंद्रों या ई-कचरा प्रबंधन की उचित व्यवस्था के माध्यम से निपटाना चाहिए।

सहायक शिक्षक राजकुमार भोई ने बैनर, पोस्टर, नोटिस बोर्ड एवं एलईडी स्क्रीन के माध्यम से विद्यार्थियों को ई-कचरा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी। कार्यक्रम के अंतर्गत ई-कचरा प्रबंधन विषय पर पोस्टर निर्माण, नारा लेखन एवं क्विज प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी, स्वच्छता की आदत तथा कचरे के उचित प्रबंधन के प्रति जागरूकता विकसित करने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वच्छ विद्यालय, हरित पर्यावरण एवं जिम्मेदार नागरिकता के प्रति प्रेरित करना तथा ई-कचरे के सुरक्षित प्रबंधन की आदत विकसित करना रहा।







