डुप्लीकेट अंकसूची-माइग्रेशन प्रमाणपत्र समेत 5 सेवाएं लोक सेवा गारंटी के दायरे में, 60 दिन में होगा निराकरण
रायपुर। विद्यार्थियों को शैक्षणिक दस्तावेज हासिल करने के लिए अब माध्यमिक शिक्षा मंडल के कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव की पहल पर माध्यमिक शिक्षा मंडल की महत्वपूर्ण सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में लाया गया है। इन सेवाओं के लिए अब निर्धारित समय-सीमा में आवेदन का निराकरण करना होगा।
नई व्यवस्था में डुप्लीकेट अंकसूची, डुप्लीकेट माइग्रेशन प्रमाण-पत्र, उत्तरपुस्तिका की पुनर्गणना, पुनर्मूल्यांकन और उत्तरपुस्तिका की फोटोकॉपी से जुड़ी सेवाओं को शामिल किया गया है। इन सभी सेवाओं के लिए 60 दिन की समय-सीमा निर्धारित की गई है।
इस व्यवस्था का सीधा लाभ उन विद्यार्थियों को मिलेगा, जिन्हें उच्च शिक्षा में प्रवेश, छात्रवृत्ति, प्रतियोगी परीक्षाओं या अन्य शैक्षणिक कार्यों के लिए जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होती है। समय-सीमा तय होने से आवेदन के निराकरण को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों को स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि विद्यार्थियों को अपने शैक्षणिक दस्तावेज हासिल करने के लिए अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। परीक्षा परिणाम के बाद उच्च शिक्षा में प्रवेश और अन्य प्रक्रियाओं के लिए समय महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में दस्तावेजों की सेवाओं को समयबद्ध करना जरूरी था।
उन्होंने अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने और विद्यार्थियों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि सेवाओं को लोक सेवा गारंटी के दायरे में लाने से जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ेगी तथा अनावश्यक देरी पर अंकुश लगेगा।









