बैठक में शिक्षा व्यवस्था, फिल्म नीति और पूर्व अग्निवीरों को सरकारी सेवाओं में अवसर देने से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा के बाद मंजूरी दी गई। बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में शिक्षा व्यवस्था, फिल्म नीति और पूर्व अग्निवीरों को सरकारी सेवाओं में अवसर देने से जुड़े प्रस्तावों पर चर्चा के बाद मंजूरी दी गई। बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी।
अतिथि व्याख्याता नीति-2026 में किए गए बदलाव कैबिनेट ने संशोधित अतिथि व्याख्याता नीति-2026 को कार्योत्तर अनुमोदन प्रदान किया है। नई व्यवस्था के तहत मेरिट सूची में यदि दो अभ्यर्थियों के अंक समान होते हैं, तो छत्तीसगढ़ मूल निवासी अभ्यर्थी को प्राथमिकता दी जाएगी
इसके अलावा अनुभव को लेकर भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब शासकीय महाविद्यालयों के साथ-साथ राजकीय विश्वविद्यालयों में अध्यापन अनुभव रखने वाले अभ्यर्थियों को भी इसका लाभ मिलेगा। 5 माह के अध्यापन अनुभव पर मिलेंगे 5 अंक संशोधित नीति में अनुभव के लिए निर्धारित प्रावधानों में बदलाव किया गया है। अब शासकीय कॉलेज या राजकीय विश्वविद्यालय में एक शैक्षणिक सत्र के दौरान न्यूनतम 5 माह अध्यापन कार्य करने वाले अभ्यर्थियों को अनुभव के लिए अधिकतम 5 अंक दिए जाएंगे। कैबिनेट ने विस्थापित अतिथि व्याख्याताओं को भी राहत दी है। उन्हें उनके पूर्व कार्य अनुभव के आधार पर रिक्त पदों पर पुनर्नियोजन का अवसर मिलेगा। मानदेय व्यवस्था में किया गया बदलाव अतिथि व्याख्याताओं के मानदेय से जुड़ी विसंगतियों को दूर करने के लिए नई व्यवस्था लागू की जाएगी। अब कालखंड आधारित मानदेय की जगह कार्य-दिवस आधारित मानदेय प्रणाली अपनाई जाएगी। इसके साथ ही अतिथि व्याख्याताओं और अन्य अतिथि शैक्षणिक कर्मचारियों के कार्यदायित्व, कार्य अवधि और आकस्मिक अवकाश से जुड़े नियम भी स्पष्ट किए गए हैं।
पूर्व अग्निवीरों को सरकारी नौकरियों में 10% आरक्षण कैबिनेट ने पूर्व अग्निवीर सैनिकों के लिए बड़ा निर्णय लेते हुए छत्तीसगढ़ लोक सेवा पूर्व अग्निवीर सैनिक भर्ती नियम-2026 को मंजूरी दी है।भौगोलिक संदर्भ इसके तहत राज्य की तृतीय श्रेणी सरकारी सेवाओं में पूर्व अग्निवीरों को 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा। यह आरक्षण पुलिस विभाग में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक और जेल विभाग में जेल प्रहरी जैसे पदों पर लागू होगा। भर्ती प्रक्रिया और सेवा शर्तों के लिए तय होंगे नियम पूर्व अग्निवीरों को दिए जाने वाले आरक्षण को प्रभावी बनाने के लिए नए भर्ती नियमों में चयन प्रक्रिया, नियुक्ति, सेवा शर्तों और अन्य मापदंडों को निर्धारित किया गया है। सरकार के इन फैसलों से शिक्षा क्षेत्र में अतिथि व्याख्याताओं को राहत मिलने के साथ पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।







