बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने हमें सिर्फ़ संविधान नहीं, न्याय, समानता और सम्मान पर आधारित एक सशक्त भारत का सपना दिया : श्रीमती कुमारी भास्कर

Surendra shriwas
Chhattisgarhiya Sable badhiya News Editor

महासमुंद /सरायपाली :- 14 अप्रैल 2026 डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती जयंती बड़े सम्मान और उत्साह के साथ मनाई जा रही है। डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती पर श्रीमती कुमारी भास्कर सभापति जिला पंचायत महासमुंद ने प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके विचारों और योगदान को याद की।


श्रीमती भास्कर ने कहा कि अंबेडकर ने अपने व्यक्तिगत सम्मान या मर्यादा की चिंता किए बिना समाज के अंतिम पायदान पर खड़े दलित, पिछड़े, शोषित और वंचित वर्ग के लोगों को बराबरी और सम्मान दिलाने के लिए निरंतर संघर्ष किया। अपमान सहने के बावजूद वे अपने मार्ग से कभी विचलित नहीं हुए।

श्रीमती भास्कर ने बताया कि 2014 के बाद भाजपा सरकार ने अंबेडकर जी की प्रेरणा को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब के दिखाए रास्ते पर चलते हुए देश तेजी से गरीबों, दलितों और वंचितों के जीवन में बदलाव ला रहा है।
श्रीमती भास्कर ने बाबा साहेब को नमन करते हुए कहा कि उन्होंने हर वर्ग को समान अधिकार और अवसर देने वाला संविधान देकर भारतीय लोकतंत्र की मजबूत नींव रखी। बाबा साहेब का जीवन हमें सिखाता है कि जब संकल्प देश सेवा और जनकल्याण का हो, तो हर बाधा छोटी हो जाती है।


बाबा साहेब एक सामाजिक क्रांति के संवाहक और संविधान की शिल्पीकार थे उन्होंने कहा कि अंबेडकर ने समता, स्वतंत्रता और सामाजिक न्याय के मूल्यों से भारत के नवनिर्माण की नींव मजबूत की। श्रीमती भास्कर ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बाबा साहेब के विचार हमें जनसेवा और विकसित भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रेरित करते रहेंगे ।

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